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राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा

1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् (एन.सी.ई.आर.टी.) की स्था्पना भारत सरकार द्वारा वर्ष 1961 में देश में विद्यालयी शिक्षा में गुणात्मकक सुधार लाने की दृष्टि से की गई। स्था पना के बाद शीघ्र ही परिषद् ने इस दिशा में बहुत से कार्यक्रम तैयार किए। ऐसा ही एक कार्यक्रम प्रतिभावन विद्यार्थियों की पहचान एवं उन्हेंह प्रोत्साहित करना था। वर्ष 1963 में इस कार्यक्रम को राष्ट्री य विज्ञान प्रतिभा खोज योजना (एन.एस.टी.एस.एस.) नामक योजना के रूप में प्रतिपादित किया गया जिसमें प्रतिभावान विद्यार्थियों की पहचान और उन्हेंव छात्रवृत्तियों द्वारा पुरस्कृरत करने का प्रावधान था। इस योजना के कार्यान्ववयन के प्रथम वर्ष के दौरान, यह दिल्ली के संघ राज्य - क्षेत्र तक ही सीमित था जिसमें कक्षा XI के विद्यार्थियों को केवल 10 छात्रवृतियाँ प्रदान की जाती थीं।

वर्ष 1964 में इस योजना को कक्षा XI के विद्यार्थियों हेतु 350 छात्रवृत्तियाँ देश के सभी राज्योंल और संघ राज्य। - क्षेत्रों में विस्ता्रित कर दी गई। ये छात्रवृत्तियाँ लिखित परीक्षा, परियोजना रिपोर्ट और साक्षात्कावर के आधार पर प्रदान की जाती थीं। लिखित परीक्षा में विज्ञान अभिरूचि परीक्षा और निर्दिष्टं वैज्ञानिक विषय वस्तुप पर एक निबन्ध शामिल था। अभ्यर्थियों को परियोजना रिपोर्ट लिखित परीक्षा के समय प्रस्तुत करनी होती थी। इन तीन घटकों के आधार पर चयनित अभ्य्र्थियों की अनुबद्ध संख्या् को तत्प श्चासत् वैयक्तिक साक्षात्कार देना होता था। इन चार घटकों में अभ्यार्थियों के प्रदर्शन को अन्तत: छात्रवृत्ति प्रदान करने के प्रयोजन हेतु नियुक्ता किया जाता था। ये छात्रवृत्तियाँ शोधअध्ये्ता तक केवल मौलिक विज्ञान में शिक्षा प्राप्तु करने के लिए प्रदान की जाती थीं।

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