सुबह होते ही जीत पापा के पास तबला लेकर बैठ गया।
पूरे घर में तबले की ना-घी-घी-ना गूँज रही थी।
जीत की कलाई में दर्द होने लगा।
इसके बावज़ूद जीत तबला बजाता रहा।