विशेष आवश्यककता समूह शिक्षा विभाग
विशेष आवश्यकता समूह शिक्षा विभाग की स्थापना 01 सितंबर 1995 को की गई थी। तभी से यह विभाग विशेष आवश्यकता वाले बच्चों और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यकों जैसे सामाजिक रूप से वंचित समूहों के बच्चों की शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत है। सभी के लिए समान और समावेशी शिक्षा प्रणाली का क्रियान्वयन, विशेष रूप से सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित समूहों (एसईडीजी) और विकलांग बच्चों के संदर्भ में प्रणालीगत सुधारों का अधिक महत्व रखता है। विभाग इन समूहों से संबंधित बच्चों की विविध शिक्षण आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करता है तथा शिक्षकों, शिक्षक प्रशिक्षकों और अन्य हितधारकों के लिए प्रासंगिक संसाधन सामग्री विकसित करने के लिए परियोजनाओं का संचालन करता है। यह विभाग मुख्यधारा के विद्यालयों में इन बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान शिक्षा के अवसर प्रदान करने के लिए अध्यापकों, शिक्षक प्रशिक्षकों और नीति निर्धारकों को संवेदनशील बनाने और उन्हें उचित कार्यनीतियों में प्रशिक्षित करने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित करता है।
समावेशी शिक्षा एक गतिशील घटना है और यह इस बात पर जोर देती है कि शिक्षा प्रणाली को शिक्षार्थियों की जरूरतों के अनुसार खुद को बदलने की आवश्यकता है, चाहे उनकी क्षमताओं/अक्षमताओं और पृष्ठभूमि कुछ भी हो। समावेशी शिक्षा के सफल और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विचारपूर्ण योजना तथा अनुसंधान निष्कर्षों पर आधारित समयबद्ध कार्यवाही आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए, विभाग विकलांग बच्चों और युवाओं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से संबंधित बच्चों तथा अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को शिक्षा में शामिल करने हेतु विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रम चका रहा है । विभाग ने वंचित समूहों, जिनमें विकलांग शिक्षार्थी भी शामिल हैं के लिए शिक्षा को सुलभ बनाने हेतु विविध शोध, विकास, प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा प्रसार गतिविधियाँ संचालित की हैं।
विभाग के प्रमुख कार्य हैं:
- मौजूदा गतिविधियों की समीक्षा करने और दिव्यांग व्यक्तियों और अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अल्पसंख्यक से सम्बंधित लोगों की शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल के लिए शोध करना।
- कमज़ोर वर्ग के समूहों से संबंधित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान शैक्षिक अवसर प्रदान करने के लिए शिक्षकों, शिक्षक प्रशिक्षकों और नीति निर्माताओं को संवेदनशील बनाने तथा प्रशिक्षित करने हेतु फेस टु फेस और EDUSAT दोनों माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना।
- राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर समावेशी पाठ्यक्रम के विकास में सहयोग, समावेशी पाठ्यपुस्तकों के विकास हेतु इनपुट प्रदान करना और विशेष आवश्यकताओं वाले समूहों के परिप्रेक्ष्य में परीक्षा प्रक्रियाओं में सुधार का सुझाव देना।
- शिक्षण सामग्री जैसे- शिक्षकों की मार्गदर्शिका, नियमावली, समावेश के लिए सूचकांक, प्रशिक्षण दिशानिर्देश और ब्रेल साक्षरता पाठ्यक्रम आदि विकसित करना।
- समावेश के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु केंद्र, राज्यों, गैर सरकारी संगठनों और अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर की एजेंसियों को सलाह तथा समर्थन देना।
- विभिन्न विभागों, संगठनों और विशेष फोकस समूहों की शिक्षा में शामिल लोगों के बीच नेटवर्क और ड्रॉ लिंक।
- विशेष फोकस समूहों के लिए एसएसए के राष्ट्रीय घटक के तहत गतिविधियों का संचालन करना।
- शोध कार्यों और विकसित सामग्री के लिए एक केंद्र (क्लियरिंग हाउस) के रूप में कार्य करना।
