विभाग की भूमिका और कार्य

विभाग विद्यालयों में सामाजिक विज्ञान और वाणिज्यत शिक्षा में गुणकारी सुधार के व्याकपक उद्देश्य। से अनेक प्रकार की भूमिकाएँ निभाता है। यह उच्चि प्राथमिक, माध्यरमिक और उच्च तर माध्य मिक स्तिरों पर सामाजिक विज्ञान (इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्रक और समाजशास्त्रध), वाणिज्य और स्वाहस्य्का एवं शारीरिक शिक्षा में आदर्श पाठ्यविवरण तथा शिक्षण-अधिगम सामग्री के विकास में संलग्नस है। विभाग ने मानवाधिकार शिक्षा पर भी अपना ध्यावन केन्द्रित किया है। सामाजिक विज्ञान शिक्षा विभाग (डीईएसएस) ने केन्द्री य प्रायोजित योजना ''विद्यालयों में गुणवत्ता। सुधार' के अंतर्गत राष्ट्रीएय जनसंख्या शिक्षा परियोजना, किशोरावस्थाव शिक्षा कार्यक्रम और विद्यालयों में योग प्रारंभ करने से संबंधित कार्यक्रमों को भी कार्यान्वित किया है।

यह विभाग सामाजिक विज्ञान के अधिगम को परस्पसर संवादात्म क और संवर्धक बनाने के उद्देश्य से पाठ्यविवरण, पाठ्यपुस्ताकों, अध्यापपक पुस्तिका, प्रशिक्षण मैनुअॅल और अनुपूरक पठन सामग्री जैसी अन्यर अनुदेशीय सामग्री के विकास जैसे बहुविध कार्यकलाप करता है। इस संबंध में प्रौद्योगिकियों की संभाव्यऔता को स्वीगकार करते हुए विभाग ऑडियो-वीडियो सहित विविध नवाचारी पाठ्यचर्या के विकास का कार्य भी करता है। सामाजिक विज्ञान के विभिन्नस विषयक्षेत्रों में विद्यार्थियों के शब्द भण्डार को समृद्ध करने की सामयिकता पर विचार करते हुए विभाग ने सरल एवं बालसुलभ भाषा में विषय-विशिष्टच (इतिहास, अर्थशास्त्रक और राजनीति विज्ञान) में त्रिभाषिक (अंग्रेजी-हिंदी-उर्दू) शब्दवकोशों के विकास का कार्यक्रम प्रारंभ किया है। भूगोल का त्रिभाषिक शब्दञ कोष तैयार किया जा चुका है और प्रकाशनाधीन है। क्षमता निर्माण कार्यकलापों के एक भाग के रूप में सेवाकालीन अध्यायपक शिक्षा के लिए मैनुअल के विकास के अतिरिक्त् यह विभाग विभिन्ना राज्योंक में कार्यरत सामाजिक विज्ञान एवं वाणिज्यश के अध्यापकों और शिक्षक-प्रशिक्षकों को सेवाकालीन प्रशिक्षण भी प्रदान करता है। विभाग अपने कार्यों से संबंधित क्षेत्रों में एनसीईआरटी के अन्यक संघटकों, विभिन्न् राज्योंन एवं केन्द्री य एजेंसियों के साथ सहयोग भी करता है।

विभाग विद्यार्थिर्यों और अध्याोपकों हेतु मानवाधिकारों, स्वाजस्य्शि एवं शारीरिक शिक्षा, मानव पारिस्थितिकी एवं परिवार विज्ञान से संबंधित पाठ्यपुस्ताकें, अनुपूरक पठनसामग्री, दृश्य -श्रव्य् सामग्री, शब्द कोशों और अन्यश संसाधन सामग्री के विकास की प्रक्रिया में भी कार्यरत है।भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस), भू-स्थानिक पोर्टल स्कूल भुवन इसने भौगोलिक सूचना पद्धति (जीआईएस) और कम्यून स टरीकृत लेखांकन जैसे नए क्षेत्रों में सेवाकालीन अध्यापपक शिक्षा कार्यक्रम भी आयोजित किए हैं। आगामी दिनों में भी यह विभाग सामाजिक विज्ञान एवं वाणिज्यद शिक्षा में गुणकारी सुधार लाने में अन्यप एजेंसियों और राज्यों से सहयोग के लिए प्रयासरत रहेगा।

राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा परियोजना (NPEP)जिसे अप्रैल, 1980 में देश के जनसांख्यिकीय लक्ष्य को प्राप्तय करने में सहायता हेतु एक शैक्षिक कार्यक्रम के रूप में स्था पित किया गया था। यह एकक गुणवत्ताय सुधार योजना के दो घटकों नामत:
(i) 30 राज्यों/संघ राज्यं क्षेत्रों में राष्ट्री य जनसंख्या शिक्षा परियोजना
(ii) विद्यालयों में योग का परिचय' को कार्यान्वित कर रहा है। यह विद्यार्थियों को किशोरावस्था प्रजनन एवं यौन स्‍वास्य् म (एआरएसएच) के महत्व। की जानकारी द्वारा सकारात्मंक दृ‍ष्टिकोण पैदा करने और जिम्मेादार 'एआरएसएच' व्यकवहार के लिए उपयुक्त कौशल विकास के बारे में अधिकृत ज्ञान देने के लिए यूएनएफपीए द्वारा वित्तसपोषित मानव संसाधन विकास मंत्रालय के इस किशोर शिक्षा कार्यक्रम को भी कार्यान्वित कर रहा है।ऑनलाइन किशोरावस्था संसाधन केंद्र (एआरसी) के बारे में विवरण

Applications are invited for Six-month Certificate Programme on developing social science textbooks and other curricular materials