Page 6 - हिन्दी प्रशस्त 14 दिसम्बर
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आभार


        प्रिस्त क े विकास में अिक प्रयास और बहुत समय लगा।  सी.आई.ई.टी.- एन.सी.ई.आर.टी. प्रिस्त की विकास यात्रा में

        सवममवलत सभी लोगों का विल से आभार वयि करता है। इस पररयोजना का अिसर िेने क े वलए वनिेिक एन.सी.ई.आर.टी.
        और संयुि वनिेिक, एन.सी.ई.आर.टी. को हावियक िन्यिाि।

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        सूचना प्रिान करने में राज्यों और कद्र िावसत प्रिेिों क े समािेिी विक्षा समन्ियकों का महत्िपूिय योगिान सराहनीय है।
        श्री रजनीि िमाय, समािेिी विक्षा समन्ियक, हररयािा, प्रिस्त प्रारुप क े पहले संस्करि की समीक्षा क े वलए वििेष

        िन्यिाि क े पात्र है। सुश्री वनवि गोयल, पररयोजना प्रबंिक, समािेिी विक्षा, चंडीगढ़ भी प्रिस्त को अंवतम ऱूप िेने क े
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        िौरान उनक अिक समियन और क्षेत्रीय परीक्षि क े वलए िन्यिाि क े पात्र हैं।
               सी.आई.ई.टी.2019 में 3-वििसीय काययिाला क े िौरान, उपवस्ित वििेषज्ञों क े सहृिय विचारों, सुझािों और

        योगिान की सराहना करता है। इस काययिाला में विवयांगता से समबवन्ित वििेषज्ञ, समािेिी विक्षा समन्ियक, वििेष
        विक्षक और सामान्य विक्षक िावमल िे, वजन्होंने बहुमू्य जानकारी प्रिान की और अंवतम ऱूप िेने में हमारी मिि की।

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        वििेषज्ञ सिस्यों में डॉ. स्िावत सान्याल, पाठ्यरम वनिेिक, िुगा बाई िेिमुख कॉलेज, वि्ली विश्वविद्यालय; डॉ. मेरी
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        बरुआ, संस्िापक वनिेिक, एक्िन फॉर ऑवटज्म; डॉ. जयंती नारायि, पूि उप वनिेिक, एनआईएमएच, हैिराबाि; डॉ.
        रोमा क ु मार, नैिावनक मनोिैज्ञावनक,सर गंगा राम अस्पताल; डॉ. आिा, स्पीच पैिोलॉवजस्ट ऑवडयोलॉवजस्ट, आिा

        स्पीच वहयररंग वक्लवनक और सलाहकार; श्री मनोज, विक्षक प्रविक्षक, एससीईआरटी, वि्ली; श्री रजनीि िमाय, राज्य
        आई.ई.डी. समन्ियक, हररयािा; डॉ. रविंिर जंगराल, राज्य आई.ई.डी. समन्ियक, जममू और कश्मीर; श्री पी.एन.प्रिान,

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        राज्य  आई.ई.डी.  समन्ियक,  वसवक्कम;  सुश्री  इंिु  छत्री  िास,  राज्य  आई.ई.डी.  समन्ियक,  असम;  श्री  संिीप  तांब,
        आर.सी.आई. वि्ली; डॉ. प्रीवत नंिा, सी.ई.ओ., मेवडस्क ू ल हे्ि सवियसेज; सुश्री मोना, वििेष विक्षक, समािेिी विक्षा,
        हररयािा; डॉ. रवि, समाििी विक्षा िाखा, विक्षा वनिेिालय, वि्ली; श्रीमती सुषमा रानी, सामान्य  विक्षक, वि्ली
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        वनिेिालय; श्रीमती गीतेि, सामान्य  विक्षक, वि्ली वनिेिालय; श्री विि राम मीिा, सामान्य विक्षक, वि्ली वनिेिालय;
        सुश्री पूजा नेगी, वििेष विक्षक, वि्ली वनिेिालय; सुश्री प्रीवत वसंह, वििेष विक्षक, वि्ली वनिेिालय; डॉ. िंिना गंभीर

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        चोपड़ा, सहायक प्रोफसर, किि महाविद्यालय, वि्ली विश्वविद्यालय और श्री आर.एन. वसंह, आई.ई.डी. समन्ियक,
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        उत्तर प्रिेि को प्रिस्त की समीक्षा और बहुमू्य प्रवतवरया प्रिान करने क े वलए सी.आई.ई.टी. िन्यिाि िेता है। इसक
        अलािा, प्रिस्त का परीक्षि अन्य राज्यों कनायटक, मेघालय, ओवडिा और चंडीगढ़ में वकया गया।

        आर.आई.ई. समन्ियक, सामान्य विक्षक, वििेष विक्षक और स्क ू ल प्रिानाचायय अपने स्क ू लों में प्रिस्त क े परीक्षि में
        उनक सहयोग क े वलए वििेष िन्यिाि क े पात्र हैं।
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        सुश्री अवक्षता सक्सेना, जूवनयर प्रोजेक्ट फलो (जे.पी.एफ.), उनक समवपयत प्रयासों, सौंप गए कायों को समय पर पूरा करने
        और इस पररयोजना क े सभी पहलुओं में उत्साही भागीिारी क े वलए वििेष उ्लख की पात्र हैं।
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        डॉ.  अलका  वसंह,  सीवनयर  एकडवमक  क ं स्टट,  सी.आई.ई.टी.-एन.सी.ई.आर.टी.;  डॉ.  एंिनी  जोसेफ,  अकािवमक
        सलाहकार, सी.आई.ई.टी.-एन.सी.ई.आर.टी.; सुश्री सामंिा नऱूला,जे.पी.एफ.,सी.आई.ई.टी.-एन.सी.ई.आर.टी.; सुश्री
        विवया िौकीन, जे.पी.एफ., सी.आई.ई.टी.- एन.सी.ई.आर.टी.; श्री मनीष प्रकाि, तकनीकी सलाहकार, िीक्षा पीएमयू;

        सुश्री काजल सतीि गुप्ता, वयापार सलाहकार, िीक्षा पीएमयू; डॉ. रवश्म आनंि, प्रौद्योवगकी सलाहकार, िीक्षा पीएमयू और
        श्री संजय यािि, ग्रावफक वडजाइनर, सी.आई.ई.टी. एन.सी.ई.आर.टी.,का योगिान िस्तािेज़ को अंवतम ऱूप िेने क े वलए

        अत्यािश्यक रहा,अत: संस्िान इनका भी आभारी हैं।
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