Page 11 - हिन्दी प्रशस्त 14 दिसम्बर
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प्रिस्त अिसर िेता है वक विद्यालय स्तर की जााँच प्रवकया में सामान्य विक्षक और वििेष विक्षक/परामियिाता/
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विद्यालय प्रमुख/ िाला प्रबंिन सवमवत सिस्य, सवरय रुप से भागीिारी कर सक। प्रिस्त बच्चों क े अिैज्ञावनक वनिान और
विवयांगता क े आिार पर अनािश्यक नामकरि से बचाि करता है।
ऐसा लगता है वक कक्षा में यवि क ु छ बच्चे ध्यान नहीं िे रहे हैं या रुवच नहीं ले रहे हैं, या अन्य बच्चों की तुलना में
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अविगम गवतविवियों में भागीिारी नहीं कर रहे हैं, या लगता है वक िक हुए या सो रहे हैं, और उनका वयिहार अिांछनीय
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है,तो यह सब या तो पररििीय अििा विवयांगता वस्िवतयों क े कारि हो सकता है। िारीररक ऱूप से इसमें से क ु छ बच्चे
कक्षा क े बाकी बच्चों जैसे िायि न हों, इसका यह अिय किावप नही है वक उनमें कोई विवयांगता होगी ही, प्रिस्त की
सहायता से विक्षकों को अिैज्ञावनक एिं गलत वनष्ट्कषों तक पहुाँचने से बचाया जा सकता है। प्रिस्त को इस प्रकार बनाया
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गया है वक इसक उपयोग से बच्चे की वस्िवत क े बार में स्पष्ट जानकारी वमल सक।
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यह ध्यान में रखना आिश्यक है वक सीखने की गवतविवियों में बच्चे की भागीिारी की कमी अक्सर आज्ञापालन की
कमी क े कारि नहीं होती है, जैसा वक अक्सर माना जाता है।
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प्रिस्त का उपयोग करत समय याि रखन योग्य बात:
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1. घर में बच्चे द्वारा प्रयोग की जान िाली भाषा, यवि विद्यालय में विक्षा क े माध्यम की भाषा से वभन्न हो तो
इस पर विचार वकया जाना चावहए।
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2. प्रिस्त किल जांच और परामिय क े वलए है। इस उपकरण क े आधार पर नामकरण एिं वनिान न कर।
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