Page 7 - हिन्दी प्रशस्त 14 दिसम्बर
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         प्रिस्त की वििेषज्ञ समीक्षा डॉ. प्रवमला मनोहरन, विक्षा वििेषज्ञ, यूवनसफ, भारत; प्रो. ररचड रोज़, प्रो. एमेररटस; इन
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        इंक्लूवसि एजुकिन, यूवनिवसटी ऑफ़ नॉियमप्टन, यूक; प्रो. रश्मी क ु मार, एसोवसएट डायरक्टर, ऑवफस ऑफ लवनिंग
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        ररसोसेज, यूवनिवसटी ऑफ पेनवस्िेवनया, वफलाडव्फया, यूएसए; प्रो. उमेि िमाय, समािेिी विक्षा में पीजी और यूजी
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        पाठ्यरमों क े वलए पाठ्यरम समन्ियक, मोनाि विश्वविद्यालय, ऑस्रवलया; और प्रो. िीरा गुप्ता, एन.आई.ई.पी.ए., नई
        वि्ली, भारत; क े द्वारा की गई िी। प्रत्येक वििेषज्ञ, समय पर समीक्षा और प्रवतवरया क े वलए वििेष उ्लेख एिं िन्यिाि
        क े पात्र हैं।
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        संयुि वनिेिक, एन.सी.ई.आर.टी. द्वारा गवठत वििेषज्ञ समीक्षा सवमवत क े सिस्यो, प्रो. अमरद्र बहरा, संयुि वनिेिक डी,
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        सी.आई.ई.टी.-एन.सी.ई.आर.टी.; प्रोफसर बीक वत्रपाठी, डीन ररसचय, प्रोफसर अनुपम आहूजा, प्रमुख आई.आर.डी.; प्रो.
        रंजना  अरोड़ा,  प्रमुख  डीसीएस  और  डी;  प्रो.  एस.सी.चौहान,  प्रमुख  डी.ई.जी.एस.एन.;  और  प्रो.  विनय  क ु मार  वसंह
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        डी.ई.जी.एस.एन. को उनक सुझाि क े वलए कृतज्ञतापूिक िन्यिाि  विया जाता है।
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               प्रिस्त क े वहंिी अनुिाि में सवरय भूवमका क े वलए श्री वफ़रोज़ खान, उच्च प्रािवमक विद्यालय वचड़ािक, गुलािठी,

        बुलंििहर (राष्ट्रीय आई.सी.टी. पुरस्कार  2018) ि डॉ० पूजा यािि, सहायक अध्यापक, उच्च प्रािवमक विद्यालय
        खुजऊपुर,  सरसौल,  कानपुर  नगर  (राज्य  आई.सी.टी.  पुरस्कार  उत्तर  प्रिेि  2020)  सुश्री  वलसा  घोष,  जे.पी.एफ.,

        सी.आई.ई.टी.-एन.सी.ई.आर.टी.; श्री प्रभात रंजन,अकािवमक सलाहकार, सी.आई.ई.टी.-एन.सी.ई.आर.टी., क े प्रवत
        सी.आई.ई.टी.सिैि आभारी रहेगी।
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