Page 12 - हिन्दी प्रशस्त 14 दिसम्बर
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प्रिस्त का विकास
प्रिस्त का उद्देश्य है वक विद्यालयों को आंकड़ा संग्रह की लघुतम इकाई मानते हुए, विद्यालयों में पढ़ने िाल े
विद्याविययों की संभावित विवयांगता/विवयांगता/वनििता: वस्िवतयों की वयिवस्ित आरंवभक जााँच में सामान्य विक्षकों की
भागीिारी को बढ़ािा िेना।
प्रिस्त क े विकास क े वलए अपनाए गए प्रवरयात्मक चरिों का उ्लेख नीचे वकया गया हैिः
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1. वस्थवत अध्ययन सिक्षण (STATUS STUDY SURVEY)
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प्रिस्त विकास की प्रवरया जून 2019 में सिेक्षि क े साि िुऱू हुयी। इसमें 36 में से 34 राज्यों और कद्रिावसत
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प्रिेिों ने सहभावगता की। सिेक्षि का उद्देश्य राज्यों और कद्र िावसत प्रिेिों द्वारा विवयांगता संबंिी स्क ू ली छात्रों की
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आरंवभक जााँच (स्रीवनंग) और पहचान क े वलए अपनाई गई प्रवरया से पररवचत होना िा। इस सिक्षि से पता चला, वक
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किल 8 राज्यों (23.5%) वसवक्कम, तवमलनाडु, करल, असम, छत्तीसगढ़, पांवडचरी, वि्ली और उत्तर प्रिेि ने
विवयांगताओं की पहचान क े वलए जााँच सूची का विकास िुऱू वकया है, लेवकन विवयांगजन अविकार अविवनयम में
सूचीबधॎध सभी 21 की प्रकार विवयांगताओं को िावमल नहीं वकया गया है।
2. जुलाई-अगस्त 2019 क े िौरान प्रिस्त क े प्राऱूप का विकास पररयोजना िल द्वारा वकया गया (IN HOUSE
DEVELOPMENT)।
3. पुनरीक्षण कायिाला (VETTING AND FINALIZATION WORKSHOP)
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चरि िो में विकवसत प्रिस्त क े प्राऱूप को 3 वििसीय (21 अगस्त से 23 अगस्त 2019) पुनरीक्षि काययिाला क े
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िौरान वििेषज्ञों क े साि साझा वकया गया। वििेषज्ञ समूह में िावमल िे, मेडीस्क ू ल हे्ि सवियसेज प्राइिेट वलवमटड से
प्रवतवनवि डॉक्टर, बी.एल. कपूर अस्पताल क े गहन वचवकत्सालय अवस्ि मज्जा प्रत्यारोपि वनिेिक, वक्लवनकल
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मनोिैज्ञावनक, राज्य समाििी विक्षा (आई.ई.) समन्ियक (हररयािा, वसवक्कम, जममू एिं कश्मीर और असम), प्रवतवनवि
आर.सी.आई., वििेष विक्षक, राष्ट्रीय संस्िानों में काययरत विवयांगता वििेषज्ञ और सामान्य विक्षक।
4. विद्यालयी स्तर पर परीक्षण (FIELD TRYOUT)
प्रिस्त का तीन राज्यों क े 29 स्क ू लों में परीक्षि वकया गया िा। भाग लेने िाले स्क ू लों में हुनसुर ब्ललॉक, कनायटक
क े 11 स्क ू ल (26 से 27 निंबर 2019), वचवलका ब्ललॉक, ओवडिा क े 14 स्क ू ल (30 से 31 जनिरी 2020) और भोइररभोंग
ब्ललॉक, मेघालय क े 4 स्क ू ल (18 से 19 फरिरी 2020) िावमल िे। विद्यालयी परीक्षि िल में िावमल िे कलस्टर संसािन
वयवि, मंडलीय संसािन वयवि, वििेष विक्षक, िाला क े प्रमुख विक्षक, पुनरीक्षि काययिाला में सवममवलत वििेषज्ञ और
क्षेत्रीय विक्षा संस्िानों (एन.सी.आर.ई.टी.) द्वारा संबधॎध मंडलीय िल। इस िल की प्रवतपुवष्ट से पता चला वक विवयांगता की
पृष्टभूवम नहीं होने क े बािजूि भी प्रिस्त क े प्रयोग में कोई कवठनाई नहीं आयी।
5. प्रिस्त क े साइकोमवरक (मनोवमवत) गुण (PSYCHOMETRIC PROPERTIES OF PRASHAST)
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िधता (VALIDITY)
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प्रिस्त जााँच सूची क े किनों का िेि भर से चयवनत वििेषज्ञों की सहायता से अंवतम स्िऱूप िेने, इनका विद्यालयों
में ज़मीनी स्तर पर परीक्षि वकया गया। परीक्षि क े विद्यायली अनुभिो और विक्षकों, वििेष विक्षकों, एिं विवयांगता
वििेषज्ञों से प्राप्त प्रवतपुवष्ट क े आिार पर क ु छ प्रश्नों को संिोवित अििा हटा विया गया।
प्रिस्त का वरयान्ियन चंडीगढ़ क े 100 स्क ू लों में वकया गया। प्रिस्त भाग-1 क े प्रयोग से 3482 ऐसे विद्याविययों
की सूची तैयार हुई वजनमें विवयांगता की संभािना िी। प्रिस्त भाग-2 क े उपयोग क े बाि इनमें से 637 विद्याविययों को
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