Page 35 - हिन्दी प्रशस्त 14 दिसम्बर
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तंवत्रका संबंिी वस्िवत (रोवनक न्यूरोलॉवजकल वस्िवत)
इस खंड में स्नायु –विज्ञान विषयक (रोवनक न्यूरोलॉवजकल वस्िवत) वस्िवतयों क े कारि होने िाली विवयांगता िावमल हैं।
वयवि क े तंवत्रका तंत्र में समस्याओं क े कारि यह समस्याएं होती हैं।
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15. बहुविध ऊतक दृढ़न (मल्टीपल स्कलरोवसस)
“बहु-ऊतक दृढ़न” से प्रिाहक तंवत्रका प्रिाली रोग अवभप्रेत है वजसमें मवस्तष्ट्क की तंवत्रका कोविकाओं क े अक्ष-
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तंतुओं क े चारो ओर रीढ़ की हड्डी की माइवलन आिरि (सफि रंग क े प्रोटीन से बना रोिक पिािय) क्षवतग्रस्त हो जाता हैं
वजससे कारि विमुद्रीकरि ( वडमायीवलनेिन) होता जाता है और मवस्तष्ट्क में तंवत्रका कोविकाओं और रीढ़ की हड्डी की
कोविकाओं की एक-िूसर क े साि समपक करने की क्षमता प्रभावित हो जाता है। (आर.पी.डब्ल्यू.डी. 2016)
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तावलका-16 : विविष्ट चकवलस्ट : बहु- स्कलरोवसस (मल्टीपल स्कलरोवसस)
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क्र.सं. विवयांगता की वस्थवत विद्याथी का क्रमांक
1. क्या इस विद्यािी क े िरीर में सुन्नपन या कमज़ोरी है जो वििेषकर एक समय
में िरीर क े एक ओर अििा पैरों और िड़ में होती है?
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2. क्या यह विद्यािी विकायत करता है वक इस गियन वहलाने पर वबजली क े
झटक लगने जैसा अनुभि होता है?
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3.* क्या इस विद्यािी को कमपन या झटके (मांसपेवियों में लयबधॎध संकुचन और
विश्राम) लगते हैं?
4. क्या यह विद्यािी आमतौर पर एक समय में एक आाँख की दृवष्ट में आंविक
या पूि दृवष्ट हावन महसूस करता है?
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5. क्या इस विद्यािी को िुंिला और अस्पष्ट विखाई िेता है?
6.* क्या इस विद्यािी की भाषा अस्पष्ट है? (यहााँ अस्पष्टता से तात्पयय िब्लिों का
ख़राब उच्चारि, बड़बड़ाहट, अििा बात करते करते गवत अििा लय में
बिलाि, हडबड़ाहट इत्यावि से है)
7. क्या यह विद्यािी ज्िी से िक जाता है?
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8. क्या यह विद्यािी, वििेष ऱूप से चेहर, हाि, पैर और उंगवलयों में सुई जैसी
चुभन या सनसनी की विकायत करता है?
16. पावकसन रोग
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पावकसन रोग से कोई तंवत्रका प्रिाली का प्रगामी रोग अवभप्रेत है, जो कमपन, पेिी कठोरता और िीमा, कवठन
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संचालन द्वारा वचन्हांवकत होता है जो मुख्यत: मवस्तष्ट्क क े आिारीय गंवडका क े अिपतन तिा तंवत्रका संचालन डोपामई
क े ह्रास से समबद्य मध्य आयु और िृधॎध वयवियों को प्रभावित करता है। (आर.पी.डब्ल्यू.डी. 2016)
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