Page 34 - हिन्दी प्रशस्त 14 दिसम्बर
P. 34
मानवसक वयिहार
य
मानवसक वयिहार में मानवसक बीमारी िावमल है जो विचारों और वयिहार में ऐसी गड़बड़ी को संिवभत करती है वजससे
िैवनक जीिन की गवतविवियों को करने में बािा आती है।
14. मानवसक रुग्णता (मानवसक बीमारी)
मानवसक रुग्िता से वचंतन, मनोििा, बोि, अवभसंस्करि या स्मरि िवि का अत्यविक विकार अवभप्रेत है जो
जीिन की सािारि आिश्यकताओं को पूरा करने क े वलए समग्र ऱूप से वनियय, वयिहार, िास्तविकता की पहचान करने
े
य
की क्षमता या योग्यता को प्रभावित करता है वकन्तु वजसक अंतगत मानवसक मंिता नहीं है जो वकसी वयवि क े मवस्तष्ट्क का
े
विकास रुकन या अपूिय होने की वस्िवत है, वििेषकर वजसकी विविष्टता बुवधॎधमता का सामान्य से कम होना है।
(आर.पी.डब्ल्यू.डी. 2016 )
तावलका-15 : विविष्ट चेकवलस्ट : मानवसक रुग्िता (मानवसक बीमारी)
क्र.सं. विवयांगता की वस्थवत विद्याथी का क्रमांक
क्या यह विद्यािी विद्यालय में अक्सर उिास या वचड़वचड़ा विखाई िेता है या
1.
े
े
इसक तुनक-वमजाज़ी िाले वयिहार से इस विद्यालय में अन्य सहपावठयों से
मेलजोल में समस्या होती है?
ें
क्या इस छात्र को ध्यान कवद्रत करने, वस्िर बैठने या अपनी सीट पर ही रहने
2.
में परिानी होती है?
े
क्या इस विद्यािी का िजन वबना वकसी िजह क े अचानक घटता या बढ़ता है।
3.
क्या यह विद्यािी वचंवतत विखता है और अक्सर वसरििय और पेट ििय की
4. विकायत करता है?
क्या यह विद्यािी आत्म-हावन गवतविवियों में वलप्त है, जैसे खुि क े िरीर पर
5.*
कट हुए वनिान बनाना या उगवलयों को जलाना?
ाँ
े
क्या इस विद्यािी को आत्महत्या क े बार में विचार या बात करते हुए िेखा गया है?
े
6.*
क्या इस विद्यािी को ड्रग्स या अ्कोहल क े उपयोग में िावमल होते हुए िेखा
7.
गया है?
क्या इस विद्यािी को वकसी ऐसी चीज़ का गहरा डर है, वजसका िास्ति में
8. बहुत कम या कोई खतरा नहीं है?
क्या इस विद्यािी को िास्तविकता से अलग एक क्पनािील िुवनया में
9. रहते हुए िेखा गया है। उिाहरि क े वलए- का्पवनक िोस्तों से बात करना
या उनकी आिाज़ सुनना जो वक सच्चाई नहीं है?
क्या इस विद्यािी क े वयिहार या वयवित्ि में भारी बिलाि होते है। उिाहरि
10.* क े वलए- अक्सर लड़ना, हवियारों का उपयोग करना या खुि को या िूसरों
को चोट पहुंचाने की इच्छा वयि करना?
30

