Page 13 - हिन्दी प्रशस्त 14 दिसम्बर
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मू्यांकन और प्रमािन विविरों में भेजा गया। इसक बाि प्रिस्त भाग-2 क े संविग्ि विवयांगता आंकड़ की तुलना मू्यांकन
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एिं पहचान विविरों से प्राप्त प्रमावित विवयांगता आंकड़ से की गई। प्रिस्त भाग-2 पर आिाररत संविग्ि विवयांगता आंकड़ े
और विवयांगता पहचान एिं प्रमािन विविरों से प्राप्त विवयांगता प्रमािन आंकड़ों में 95.76% समानता पायी गयी।
प्रिस्त की विश्वसनीयता (RELIABILITY OF PRASHAST)
प्रिस्त में 21 प्रकार की विवयांगताओं से समबवन्ित 63 प्रश्न हैं। रोनबैक अ्फा (α) का उपयोग करते हुए प्रिस्त
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की आंतररक वस्िरता 0.801 है। रोनबक अ्फा Α = 0.801 आंकड़ा स्िीकायय सीमा में आता है, अतिः यह कहा जा
सकता है वक प्रिस्त की आंतररक वस्िरता अच्छी है।
6. भाषा संपािन (LANGUAGE EDITING)
विद्यालयों में पररवक्षत प्रिस्त का भाषा संपािन, प्रकािन विभाग (पी.डी.), एन.सी.ई.आर.टी., अनुमोवित और
पैनल में िावमल भाषा संपािक द्वारा वकया गया।
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7. राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय वििषज्ञों द्वारा बाहरी जााँच (EXTERNAL VETTING BY NATIONAL &
INTERNATIONAL EXPERTS)
निंबर 2021 में प्रिस्त की जााँच हेतु राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय वििेषज्ञों से संपक वकया गया िा।वििेषज्ञ यूवनसफ
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इंवडया; यूवनिवसटी ऑफ नॉियमप्टन, यूक; पेवन्सलिेवनया विश्वविद्यालय, यूएसए; मोनाि विश्वविद्यालय, ऑस्रवलया; और
एन.आई.ई.पी.ए., भारत से िे, इन वििेषज्ञों क े समेवकत विचार नीचे विए गए हैं।
वििेषज्ञ और गैर-वििेषज्ञ विक्षकों िोनों क े वलए सुलभ एक चेकवलस्ट का वनमायि राष्ट्रीय िैवक्षक अनुसंिान और
प्रविक्षि पररषि (एन.सी.ई.आर.टी.) द्वारा की गई एक महत्िपूिय पहल है और समकालीन भारतीय कानून क े दृवष्टकोि क े
अनुऱूप है।
प्रिस्त एक प्रारंवभक जााँच उपकरि क े ऱूप में कायय करता है और औपचाररक वनिान क े वलए इसका उपयोग नहीं
वकया जाना चावहए, वजससे बच्चे का विवयांगता क े आिार पर अनािश्यक नामकरि से बचाि हो, यह संिेि पुवस्तका क े
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पृसॎठ 7 पर विया गया है। प्रिस्त क े इस संिेि का महत्ि उन विक्षकों क े वलए है,वजनक विवयांगता समबवन्ित अनुभिों
योग्यताओं और क्षमताओं में बहुत अंतर हो सकता है।
यह जानना भी आिश्यक है वक िे पेिेिर जो औपचाररक वनिान करने क े योग्य हैं, उिाहरि क े वलए मनोिैज्ञावनक
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और भाषा और िािी वचवकत्सक उनकी पहुाँच गहन नैिावनक प्रवरया तक हैं और इसक वरयान्ियन का गहन प्रविक्षि
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उन्हें वमला हैं। इस संिभ में पृसॎठ 10 पर िी गयी संिविका महत्िपूिय हैं।
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प्रिस्त का िो खण्डों में विभाजन वकया गया है। अनुभिी वििेष विक्षक और तुलनात्मक ऱूप से कम अनुभिी और
कम वििेषज्ञता िाल सामान्य विक्षकों क े उपयोग हेतु यह एक ऱूवचकर एिं सूझबूझ से भरी वरयान्ियन विवि है।
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प्रिस्त का उद्देश्य सरल िब्लिों में वयि वकया गया है, वजससे पहचान प्रवकया को िुऱू करने का न किल अिसर ही वमलता
है बव्क इससे अवतररि पेिेिर हस्तक्षेप क े वलए आिश्यक सहयोग भी वमलता है।
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