Page 14 - हिन्दी प्रशस्त 14 दिसम्बर
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                                             प्रिस्त भाग -1 क े वनिि

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                                            े
              प्रिस्त भाग-1 का उपयोग कस कर      ें
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              स्क ू ल प्रमुखों क े वलए वििावनिि-:
               1.स्क ू ल प्रमुख यह सुवनवित कर वक विद्याविययों की प्रारंवभक  जााँच हेतु प्रिस्त क े उपयोग में सामान्य विक्षक का
                                           ें
        उन्मुखीकरि  (ORIENTATION),  वििेष  विक्षक/  संसािन  विक्षक/  आई.ई  समन्ियक/  एस.सी.ई.आर.टी./  डाइट/
                                      े
        काउंसलर द्वारा वकया गया है। इसक वलए विद्यालय में एक विन या आिे विन की उन्मुखीकरि मीवटंग /काययिाला/चचाय का
        आयोजन वकया जा सकता है।
               2.प्रत्येक सामान्य विक्षक को प्रवत विद्यािी, प्रिस्त भाग-1 की प्रवतया उपलब्लि करायी जाएाँ। स्क ू ल प्रमुख को
                                                                              ाँ
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        सामान्य विक्षकों द्वारा भर गए प्रिस्त भाग-1 को एकत्र करना होगा।
                                                                   े
                                   े
               3.िाला प्रमुखों से अपवक्षत है वक सामान्य विक्षकों द्वारा भर गए प्रिस्त भाग-1 को आगे की काययिाही यावन वक
                                                                                                            ें
                                                                                    य
        प्रिस्त भाग-2 की सहायता से पहचान हेतु वििेष विक्षकों/ संसािन विक्षकों/ परामििाताओं क े साि साझा कर। यवि
                                                                                                               ें
        विद्यालय में कोई वििेष विक्षक/ संसािन विक्षक/ परामियिाता नहीं है तो िाला प्रमुख नज़िीकी प्रािवमक स्िास्थ्य कद्रों
                                                             े
        (पी.एच.सी) की सहायता से प्रिस्त भाग -2 का उपयोग करक आगे की जााँच कर सकते हैं।
        सामान्य विक्षकों क े वलए वििावनिि-
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               1.प्रिस्त का उपयोग करने से पहले उन्मुखीकरि बैठक/काययिाला में भाग लें और िस्तािेज़ को ध्यान से पढ़ें।
               2.प्रिस्त भाग-1 का प्रयोग कक्षा क े सभी विद्याविययों की आरंवभक जााँच हेतु वकया जाना चावहए। प्रिस्त भाग-1

                                 ाँ
        क े वरयान्ियन क े िौरान जहा आिश्यक हो, िहां विषय विक्षकों की सहायता ले सकते हैं। विद्याविययों को ध्यान में रखते
        हुए प्रिस्त भाग-1 में िवियत वयिहारों क े अनुसार विक्षकों को (√) “हााँ” पर वनिान लगाना है।
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               3.विक्षको से अपवक्षत है वक िाला प्रमुखों की मिि से प्रिस्त भाग-1 की अपनी वटप्पवियों कों विद्यािी वििेष क े
        माता-वपता/अवभभािकों/संरक्षकों क े साि साझा कर।
                                                     ें
               4.प्रिस्त भाग-1 का उपयोग करने से पहल, विक्षकों को विवभन्न संिभों उिाहरि क े वलए, िैक्षविक, सामावजक,
                                                    े
        वयािहाररक, गवतिीलता, एिं अवभविन्यास (MOBILITY & ORIENTATION) इत्यावि में विद्याविययों का अिलोकन 2

                                       ें
        सप्ताह या उससे अविक समय में कर।
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               5.विद्याविययों  की  जााँच  समबवन्ित  जानकारी  गोपनीय  है  और  इसे  किल  समबवन्ित  माता-वपता/
        अवभभािकों/संरक्षकों और अविकृत वयवियों से ही साझा वकया जाना चावहए।
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        वििष विक्षकों/संसाधन विक्षकों/परामििाताओं क े वलए वििा-वनिि:
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               1.प्रिस्त भाग-1 का प्रयोग करने क े वलए सामान्य विक्षकों का उन्मुखीकरि कर।
               2.सामान्य विक्षकों द्वारा भर गए प्रिस्त भाग-1 को िाला प्रमुखों से एकत्र कर और भाग -1 क े आिार पर प्रिस्त
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                                                                                   ें
        भाग-2 की सहायता से उवचत काययिाही कर।
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               3.आरंवभक जााँच सूची में सवममवलत विद्याविययों क े अवभभािकों/संरक्षकों और विक्षकों को परामिय एंि मागयिियन
        िेना।


                                                       संक्षप में
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           1.        प्रिस्त एक आरंवभक जााँच उपकरि है ।

           2.    प्रिस्त वकसी भी प्रकार की अिैज्ञावनक नामकरि को बढ़ािा नहीं िेता है ।

           3.    प्रिस्त भाग-1 का कायायन्ियन कक्षा क े सभी विद्याविययों क े वलए वकया जाना चावहए ।


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