Page 15 - हिन्दी प्रशस्त 14 दिसम्बर
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प्रिस्त भाग -1
विद्यािी का नामिः…….………………..कक्षािः………………..……… ………आयुिः……………
वलंगिः …………………….. विद्यालय: …………….विद्यालय यू-डाइज़ कोड:…………………....…
िहरिः …………………………राज्यिः ……………… वपता का नामिः ……………………………
माता का नामिः……………………….लमबाई:………………………………..िज़न: …….………
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वनिि :
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क ृ पया लागू कथनो क े सामन (√ ) वचवन्हत कर।
यवि व यिहार
र.सं. विवयांगता संबंधी व यिहार लागू होता है तो
सही का वचन्ह
लगायें (√)
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1.1 इस विद्यािी को चलने में कठनाई होती है या चलने/सीवढ़यााँ चढ़ने क े वलए सहार की आिश्यकता होती
है।
1.2 इस विद्यािी को िरीर क े वकसी भी अंग को उपयोग में लाने में कवठनाई होती है, उिाहरि क े वलए हािों
का उपयोग, वलखने/खाने आवि हेतु।
इस विद्यािी क े िरीर में ऐसा कोई विकार है वजसे िेखकर पहचाना जा सकता है, जैसे हाि/पैर,उंगली का
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न होना।
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2.1 यह विद्यािी सुन्नपन (छुअन का अनुभि न होना/संििनाओं का अभाि) अििा िरीर क े वकसी भाग
(हाि/पैर अििा बाहों) में सुन्नपन का अनुभि करता है।
3.1 इस विद्यािी क े हािों/पैरों में जकड़न या झटकिार हलचल /अवनयंवत्रत स्िैवच्छक हरकतें होती है अििा
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चलते हुए झटक लगते हैं।
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3.2 इस विद्यािी को स्िसहायता कौिलों जैसे- िोना,खाना,पकड़ना और िस्तुओं को
रखना,काटना,वचपकाना,िौच इत्यावि से समबंवित समस्या है।
3.3 यह विद्यािी साफ़ नहीं बोलता अििा इसकी लार टपकती रहती है।
4.1 यह विद्यािी अपनी उम्र क े वहसाब से काफी छोटा लगता है।
4.2 इस विद्यािी का वसर सामान्य अनुपात की तुलना में अविक बड़ा/छोटी उंगुवलयों/ नाटी गियन /टांग े
िनुषाकार है।
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5.1 यह विद्यािी अक्सर वगर जाता है और इस लेटी हुई अििा बैठी हुई वस्िवत से खड़ होने में परिानी होती
है।
5.2 यह विद्यािी हमेिा अपने पैर की उंगवलयों पर चलता है।
6.1 यह विद्यािी तेज़ाब हमले का भुि-भोगी है।
7.1 यह विद्यािी िोनों आाँखों का उपयोग करक भी कुछ नही िेख पाता है।
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8.1 इस विद्यािी को कम रोिनी में िेखने में कवठनाई होती है या इसे प्रकाि क े स्रोत की ओर जाने की
आिश्यकता महसूस होती है।
8.2 यह विद्यािी अपनी आाँखों को बार-बार झपकाता/रगड़ता है या आाँखों में या उसक आस-पास जलन या
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खुजली या बार-बार वसरििय की विकायत करता है।
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