Page 19 - हिन्दी प्रशस्त 14 दिसम्बर
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प्रिस्त भाग -2 वनिि
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प्रिस्त भाग-2 से पररवचत होना
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वििष विक्षकों/संसाधन विक्षकों/परामििाताओं क े वलए वििा-वनिि:
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1. प्रिस्त भाग-2 में आर.पी.डब्ल्यू.डी. अविवनयम (2016) में िवियत 21 प्रकार की विवयांगताओं की जााँच
सूवचया िी गई हैं।
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2.वचवकत्सा या तकनीकी िब्लिािली क े अभाि या न्यूनतम उपयोग क े साि प्रत्येक विवयांगता की वस्िवत क े वलए,
प्रमुख लक्षि (आसानी से पहचानने योग्य) क े आिार पर वििषताओं की एक अलग सूची प्रिान की गयी है।
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3.प्रिस्त भाग-1 को नीचे िी गई तावलका की मिि से समझना आिश्यक है।
4.प्रिस्त भाग-2 में आर.पी.डब्ल्यू.डी. अविवनयम (2016) क े अनुसार 21 प्रकार की विवयांगताओं की पररभाषा
िी गई है।
5.वयिहारों क े विस्तृत अिलोकन क े आिार पर प्रत्येक प्रश्न का उत्तर “हााँ” (√) या ना (X) में विया जाना चावहए।
6.प्रिस्त भाग-2 में विवयांगता की 21 श्रेवियों क े वलए कक्षािार और विद्यालयिार आंकड़ों को समेवकत करने
क े वलए एक तावलका भी िी गई है।
प्रिस्त भाग-2 का उपयोग कस कर,
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प्रिस्त भाग-2 सामान्य विक्षकों /कक्षा विक्षकों से प्राप्त प्रिस्त भाग-1 क े वनष्ट्कषों को प्रमावित करने क े वलए है।
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1.प्रिस्त भाग-2 वििेष विक्षकों और प्रिानाचायय/ हेड मास्टर/हेड वमस्रस द्वारा पहचान गए वििेषज्ञों क े उपयोग हेतु है।
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2. प्रिस्त भाग-2 का उपयोग करने से पहले पुवस्तका को ध्यान से पढ़ लें।
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3. प्रिस्त भाग-1 का उपयोग करक सामान्य विक्षकों द्वारा पहचान गए छात्रों की जााँच को मान्य करने क े वलए प्रिस्त
भाग-2 का उपयोग कर।
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4.विद्यालय क े वििेष विक्षक/परामियिाता/ प्रिानाचायय को प्रिस्त भाग-1 में सामान्य विक्षकों द्वारा पहचान गए
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वयिहारों की जााँच करना आिश्यक है और तावलका-1 का उपयोग करते हुए प्रत्येक विद्यािी क े वलए संिभानुसार पृिक
वयाख्या आिश्यक है।
5. प्रिस्त भाग-2 को भरते समय प्रिस्त भाग-1 में पहचानी गई विवयांगताओं क े साि–साि कम से कम 15 विनों तक
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विवभन्न वस्िवतयों (कक्षा कक्ष क े अंिर/बाहर, खेल का मैिान, कटीन, भोजन समय, सभा, आवि) में बच्चे क े अिलोकन
पर ध्यान िेना अत्यंत महत्िपूिय है।
6. प्रिस्त भाग-2 में प्रिान की गई सभी 21 प्रकार की विवयांगताओं (जहााँ लागू हो) क े वलए भरी हुई जााँच सूची क े साि
विद्यालयिार आंकड़ा सूची भर कर एक िस्तािेज़ क े ऱूप जमा करना आिश्यक है।
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