Page 20 - हिन्दी प्रशस्त 14 दिसम्बर
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प्रिस्त भाग-1
तावलका 1: प्रिस्त भाग-1 वयाख्यान तावलका
र.सं. भाग-1 की विवयांगता की वस्िवत संख्या विवयांगता की वस्िवत
1. 1.1-1.3 गवतविषयक विवयांगता
2. 2.1 कुसॎठ रोगमुि वयवि
3. 3.1-3.3 प्रमवस्तष्ट्क पक्षाघात
4. 4.1-4.2 बौनापन
5. 5.1-5.2 पेिीय िुष्ट्पोषि (मस्क ुलर वडस्रोफी)
6. 6.1 तेज़ाबी आरमि पीवड़त (एवसड
अटक क े विकार)
ै
7. 7.1 अंिता
8. 8.1-8.7 कम दृवष्ट/ अ्प दृवष्ट
9. 9.1-9.5 श्रिि िोष ( बविर )
10. 10.1-10.2 िािी और भाषा विवयांगता
11. 11.1-11.4 बौवधॎधक विवयांगता
12. 12.1-12.10 वििष अविगम अक्षमता
े
13. 13.1-13.10 स्िपरायिता स्पेक्रम विकार
14. 14.1.14.8 मानवसक रुग्िता
15. 15.1-15.2 म्टीपल स्क्लेरोवसस
16. कोई प्रश्न िावमल नहीं वकया गया क्योंवक यह बच्चों में िुलभ बहुत है। पावकसन रोग
िं
य
17. 16.1 हीमोफीवलया
18. 17.1 िैलेसीवमया
19. 17.1 (एक प्रश्न में वसकल सेल रोग और िैलेसीवमया को वमला विया गया है ) वसकल सेल रोग
20. यवि लक्षि, उपरोि में एक से अविक श्रेवियों में हैं। बहु-विवयांगता
21. राज्य और केंद्र सरकार द्वारा अविसूवचत, कोई अन्य, यवि है। कद्र सरकार द्वारा कोई अन्य श्रेिी
ें
वयाख्या क े वलए चरण :
1. कृपया प्रिस्त भाग-1 का उपयोग कर जााँचे गए विद्याविययों का नाम और वििरि, तावलका 2 वजसका िीषयक
ें
है “प्रिस्त भाग-1 और भाग-2 पर आिाररत संविग्ि विवयांगता” में भर।
2. चरि-1 में उव्लवखत प्रत्येक विद्यािी को एक रम संख्या िें, उिाहरि क े वलए विद्यािी-1 होगा “S1”,
विद्यािी-2 होगा “S2”।
3. तावलका 2 में कॉलम िीषयक “भाग-1 में संविग्ि विवयांगता” क े तहत संविग्ि विवयांगता वस्िवतयों का उ्लेख
ें
े
कर। प्रत्येक विद्यािी क े वलए प्रिस्त भाग-1 में विक्षक द्वारा पहचान गए वयिहारों क े आिार पर एक से अविक
विवयांगताओं को भी सूचीबधॎध कर सकते हैं।
4. प्रिस्त भाग-2 में प्रिान की गई विविष्ट विवयांगता जााँच सूवचयों को (तावलका 3 से 20) िेखें।
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