Page 23 - हिन्दी प्रशस्त 14 दिसम्बर
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तावलका-4 विविष्ट जााँच सूची : क ु सॎठ रोगमुक्त वयवक्त
क्र.सं. विवयांगता की वस्थवत विद्याथी का क्रमांक
क्या इस विद्यािी क े िरीर क े वकसी भी अंग पर या त्िचा क े वकसी भी भाग
1.
का रंग फ़ीका अििा बिरंग है?
क्या इस विद्यािी की मांसपेवियों में कमज़ोरी है या िह वनयवमत ऱूप से
2. मांसपेिीय/जोड़ों में ििय की विकायत करता है?
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3. क्या इस विद्यािी क े चेहर पर कोई विकृवत है?
4.* क्या इस विद्यािी क े वकसी अंग में सुन्नता या सुन्नपन (छुने का एहसास न होना
े
/ संििना की कमी) है, जैसे वक-
(ए) हाि
(बी) पैर
(सी) भुजा
(डी) टांग
5. क्या इस विद्यािी क े िरीर में वनमन में से वकसी का अभाि है?
(ए) हाि की उंगवलयााँ
(बी) पैर की उंगवलयााँ
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अििा क्या यह बच्चा क ु सॎठ रोगमुि हो गया है? यवि हााँ, तो कृपया उपचार का एक संवक्षप्त वििरि संलग्न कर।
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3. प्रमवस्तष्ट्कीय पक्षाघात (सरब्रल पाल्सी)
प्रमवस्तष्ट्कीय पक्षाघात से कोई गैर-प्रगामी तंवत्रका वस्िवत का समूह अवभप्रेत है जो िरीर क े संचालन को और
पेिीय समन्ियन को प्रभावित करती है, जो मवस्तष्ट्क क े एक या अविक विवनवियष्ट क्षेत्रों में क्षवत क े कारि उत्पन्न होता
य
है जो सािारित: जन्म से पूि, जन्म क े िौरान या जन्म क े तुरंत पिात् होता है। (आर.पी.डब्ल्यू.डी. 2016 )
तावलका-5 : विविष्ट चकवलस्ट : प्रमवस्तष्ट्कीय पक्षाघात (सरब्रल पाल्सी)
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क्र.सं. विवयांगता की वस्थवत विद्याथी का क्रमांक
1. क्या इस विद्यािी की मांसपेवियां अवत सख्त या लटकी हैं और कोई कायय
करते समय इसे अपनी मांसपेवियों को वहलाने क े वलए सामान्य से अविक
प्रयास करने की आिश्यकता है?
2. क्या इस विद्यािी का समन्िय और संतुलन ख़राब है?
3.* क्या इस विद्यािी को अनैवच्छक क ं पक ं पी या हरकतें होती हैं जो उसे
वकसी भी कायय को करने से रोकती है?
4. क्या यह विद्यािी िरीर क े वकसी एक तरफ का ज्यािा उपयोग करना
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पसंि करता है, जैसे वक एक हाि का या रगते हुए एक टांग को वघसटने
िेना।
क्या इस विद्यािी की गवतविवियों का एक सीवमत िायरा है?
5.
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