Page 28 - हिन्दी प्रशस्त 14 दिसम्बर
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क्या यह विद्यािी श्यामपट से अपनी पुवस्तका पर कोई कायय उतारने में
11.
अत्यविक त्रुवटयााँ करता है?
े
क्या यह विद्यािी आाँखों में िुंिलपन,या बािल छाए रहने या िोहरा
12.
विखाई िेने की विकायत करता है?
क्या यह विद्यािी वनमन गवतविवि करते समय एक आाँख को बंि या ढक
13.*
लेता है-
(ए) पढ़ते समय?
ें
(बी) करीबी िस्तुओं पर ध्यान कवद्रत करते समय?
(सी) वलखत समय?
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श्रिण िोष (सुनन में परिानी)
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श्रिि िोष से तात्पयय उस हि तक सुनन की क्षमता में कमी से है वजससे विन-प्रवतविन क े वरयाकलाप प्रभावित होतें है।
9. श्रिण िोष
श्रिि िोष को इस प्रकार पररभावषत वकया गया है (ए) “बविर” से तात्पयय िोनों कानों में भाषि आिृवत्तयों में 70
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डवसवबल श्रिि िोष िाले वयवि अवभप्रेत है ; (बी) “ऊचा सुनन िाला वयवि” से िोनों कानों में सिांि आिृवत्तयों में 60
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डवसवबल से 70 डवसवबल श्रिि िोष िाला वयवि अवभप्रेत है; (आर.पी.डब्ल्यू.डी. 2016 )।
तावलका-10 : विविष्ट जााँच सूची: श्रिण िोष
र.सं.
विवयांगता की वस्िवत विद्यािी का रमांक
1. क्या यह विद्यािी ििा की वििा में वसर घुमाता है, तावक कान ििा की ओर
रहे?
2. क्या यह विद्यािी संबोवित वकए जाने या बुलाने पर प्रवतवरया नहीं िेता है?
3. क्या यह विद्यािी बोलते समय असामान्य ऱूप से तेज़ आिाज़ का उपयोग
करता है?
4. क्या यह विद्यािी अक्सर िब्लिों का गलत उच्चारि करता है?
5. क्या यह विद्यािी वनमन गवतविवि करते समय विचवलत या उलझन में लगता है?
(ए) मौवखक संचार?
(बी) स्पष्टीकरि?
वनिेि?
(सी) बार-बार पुनरािृवत्त की आिश्यकता होती है?
6. क्या इस विद्यािी को मौवखक वनिेिों का पालन करने में कवठनाई होती है?
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क्या यह विद्यािी बातचीत क े िौरान सुनत समय चेहर को अत्यविक ध्यान से
7.* िेखता है?
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